भारत में आ रही है Tesla, जानिए कीमत, लॉन्च प्लान और भविष्य की रणनीति

नई दिल्ली: Elon Musk अब भारत में Tesla कारों को लाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनियों में से एक Tesla जल्द ही भारतीय सड़कों पर अपनी गाड़ियों को दौड़ाती नजर आ सकती है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत में Tesla कारों की कीमत कितनी होगी? आइए, जानते हैं ताजा रिपोर्ट में इसके बारे में क्या कहा गया है।

भारत में Tesla कार की संभावित कीमत

एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, अगर भारत सरकार इम्पोर्ट ड्यूटी को 20 प्रतिशत तक घटा भी देती है, तब भी Tesla की सबसे सस्ती कार की कीमत 35 लाख से 40 लाख रुपये के बीच हो सकती है। यह कीमत भारतीय ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर साबित हो सकती है।

ग्लोबल कैपिटल मार्केट रिसर्च कंपनी CLSA की रिपोर्ट के मुताबिक, Tesla की सबसे किफायती कार Model 3 की अमेरिका में फैक्ट्री-लेवल कीमत करीब 35,000 डॉलर (लगभग 30.4 लाख रुपये) है। लेकिन भारत में इसे लाने पर रोड टैक्स, इंश्योरेंस और अन्य शुल्कों को जोड़कर इसका ऑन-रोड प्राइस लगभग 40,000 डॉलर (35-40 लाख रुपये) हो सकता है।

भारतीय EV मार्केट पर प्रभाव

Tesla की कीमत अगर Mahindra XEV 9e, Hyundai e-Creta, और Maruti Suzuki e-Vitara जैसी घरेलू इलेक्ट्रिक कारों की तुलना में 20-50% अधिक होती है, तो यह भारतीय EV बाजार में कोई बड़ा बदलाव नहीं ला पाएगी। भारतीय खरीदार आमतौर पर किफायती और वैल्यू-फॉर-मनी विकल्पों की तलाश में रहते हैं, ऐसे में Tesla की ऊंची कीमत इसकी बिक्री को प्रभावित कर सकती है।

Tesla के भारत में भविष्य की योजनाएं

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि Tesla को भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एक स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करनी होगी। सिर्फ इम्पोर्ट ड्यूटी में कटौती से कारों की कीमत किफायती नहीं होगी।

Tesla आने वाले महीनों में दिल्ली और मुंबई में अपने मॉडल्स लॉन्च करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, कंपनी ने भारत में भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। 18 फरवरी को Tesla ने LinkedIn पर मुंबई महानगर क्षेत्र में कंज्यूमर एंगेजमेंट मैनेजर के पद के लिए जॉब लिस्टिंग जारी की थी।

क्या भारत में Tesla सफल होगी?

Tesla की सफलता भारत में उसकी कीमत, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और सरकार की EV पॉलिसी पर निर्भर करेगी। अगर कंपनी अपनी कारों की कीमत भारतीय ग्राहकों की पहुंच में रखती है और स्थानीय स्तर पर प्रोडक्शन सेटअप करती है, तो यह EV सेगमेंट में एक बड़ा गेम-चेंजर बन सकती है।