भैया मालामाल बनना हुआ आसान, गुल्लक में रखे 20 के नोट तो आज ही 24 लाख में बेचें! जानें तरीका

नई दिल्लीः आपने भी देखा होगा कि लोग पैसा कमाने की चाहत में बड़े-बड़े कदम उठाने का काम करते हैं. अगर आप मालामाल बनने की इच्छा रखते हैं और कोई काम आपके पास नहीं तो फिर चिंता ना करें. जमाना इतना एडवांस हो गया कि आप रिस्क लेकर छप्परफाड़ इनकम आराम से प्राप्त कर सकते हैं. रिस्क लेकर आप पर्स में रखे 20 के नोट (20 ka note) की बिक्री कर सकते हैं.

वैश्विक बाजार (international market) में इस नोट की नीलामी की जाती है, जहां आप 4 लाख रुपये तक में इसकी सेल कर सकते हैं. लोग सोच रहे होंगे कि ऐसा इस नोट में क्या है जो बदले में 4 लाख रुपये तक मिल रहे हैं. इस नोट की बिक्री करना चाहते हैं तो बिल्कुल भी देर नहीं करें. 20 के नोट (20 ka note) की बिक्री करने से पहले कुछ जरूरी शर्तों को जानना होगा, जहां आपका सब कंफ्यूजन ही खत्म हो जाएगा.

20 के नोट की खूबियां

जिस 20 के नोट (20 ka note) के बदले में 4 लाख रुपये तक मिल रहे हैं, उसकी खासियत को आप आराम से जान सकते हैं. सबसे पहले 20 के नोट (20 ka note) पर तीन अंकों वाला सीरियल नंबर 786 लिखा होना चाहिए. इसके अलावा का गुलाबी रंग का नोट होना चाहिए. इसमें महात्मा गांधी के चित्र के दाहिने हाथ के बगल में खड़ी पट्टी पर बैंकनोट के मूल्य की अव्यक्त छवि भी होनी जरूरी है.

इसके साथ ही महात्मा गांधी का वॉटरमार्क होता है जो मुख्य चित्र की दर्पण छवि होनी चाहिए. इस्लाम धर्म के लोगों में सीरियल नंबर 786 को लकी और पवित्र समझा जाता है, जिसकी खरीदारी को लोगों में अलग ही उत्साह नजर रहता है. एक नोट 4 लाख और 6 नोट को 24 लाख रुपये में बेच सकते हैं.

यहां नोट की करें बिक्री

20 के नोट की बिक्री करने का प्लान बना रहे हैं तो फिर देर नहीं करें, पहले सबसे ebay पर विक्रेता के रूप में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा.

इसके बाद आप 20 के नोट की साफ-सुथरी फोटो को अपलोड कर सकते हैं.

ग्राहक आपसे खुद ही जुड़ेंगे, जहां आप मुंह मांगी कीमत में बिक्री कर सकते हैं.

डिस्क्लेमर

इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही अफवाहों के आधार पर Timesbull.com ने खबर को पब्लिश किया है. हमारा मकसद किसी को भ्रमित करने का नहीं है, बल्कि लोगों को जानकारी देना है. rbi की तरफ से किसी को नोट की बिक्री करने की परमिशन नहीं दी जाती है. ग्राहक किसी तरह की ठगी का शिकार हुए तो फिर स्वयं ही जिम्मेदार होंगे, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.