7th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है। वे एक ओर आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं, तो दूसरी ओर साल की पहली छमाही के महंगाई भत्ते (डीए) में बढ़ोतरी को लेकर भी चर्चा जारी है। जैसा कि आपने बताया, आम तौर पर सरकार मार्च के महीने में महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा करती है, और होली के आसपास इसका ऐलान होने की संभावना है। इस बार होली 14 मार्च को है, तो अनुमान है कि इससे पहले होने वाली कैबिनेट बैठक में इस पर फैसला लिया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी मिलने की उम्मीद है, जो उनकी आर्थिक स्थिति में राहत प्रदान कर सकता है।
केंद्र सरकार महंगाई भत्ते
केंद्र सरकार महंगाई भत्ते (डीए) में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों का कुल भत्ता 57 प्रतिशत तक हो सकता है। इस बढ़ोतरी के बाद, कर्मचारियों को उनके बेसिक सैलरी के हिसाब से अधिक महंगाई भत्ता मिलेगा, जो उनके आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा।
अक्टूबर 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई छमाही के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की 3 प्रतिशत की अतिरिक्त किस्त को मंजूरी दी थी, जिसके बाद भत्ता 50 प्रतिशत से बढ़कर अब 54 प्रतिशत हो गया है। इसके बाद इस बढ़ोतरी से, कर्मचारियों का भत्ता और बढ़ सकता है।
सरकार हर साल दो बार महंगाई
सरकार हर साल दो बार महंगाई भत्ता देती है, जो कि छमाही आधार पर और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार होता है। इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों को कुछ राहत मिलने की संभावना है, खासकर महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच।
केंद्रीय कर्मचारियों को अब आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। जैसा कि आपने बताया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2025 में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और भत्तों में संशोधन के लिए आठवें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इस आयोग के गठन से केंद्र सरकार के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों को लाभ मिलेगा।
सातवें वेतन आयोग का गठन
सातवें वेतन आयोग का गठन 2014 में किया गया था, और इसके तहत लागू सिफारिशें 1 जनवरी, 2016 से लागू हुई थीं। इस आयोग की अवधि 2026 में समाप्त हो रही है, और तब तक आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हो सकती हैं। इस समय कर्मचारियों को उम्मीद है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें उनके वेतन और भत्तों में पर्याप्त बढ़ोतरी लाएंगी, खासकर महंगाई के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए।