Vastu Tips: पितरों को नहीं पसंद है ये काम, कहीं जाने – अनजाने आप भी तो नहीं कर रहे!

Vastu Tips: पुराने समय में ज़ब भी कोई खाना खाता था दक्षिण दिशा कि ओर तो घर के बड़े बुजुर्ग उसे टोक दिया करते थे कि दक्षिण दिशा कि ओर मुख करके न खाएं। लेकिन क्या आपको पता है कि इस ओर मुँह करके न खाने के पीछे कई सारी वजह ऐसी हैँ जो बताई गई हैँ। जैसे कि अगर ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मानें तो दक्षिण दिशा कि ओर दरअसल काफी ज्यादा नकारात्मक शक्तियाँ होती हैँ। इसलिए उस ओर मुख करके खाना नहीं खाना चाहिए।

इसके अलावा ये भी ज्योतिष शास्त्र में ये भी बताया है कि दक्षिण दिशा दरअसल यमराज कि होती है। वहीं, कहा जाता है कि इस ओर घर के पितरों का भी निवास होता है। ऐसे में नेगेटिविटी काफी ज्यादा प्रभावित साबित हो सकती है।

बीमार पड़ने का भी बढ़ जाता है खतरा

कहते हैँ कि दक्षिण दिशा कि ओर खाना खाने से शरीर में नहीं लगता है। इसके पीछे का कारण है कि नेगेटिविटी उस समय काफी ज्यादा बढ़ जाती है। साथ ही इसी दिशा कि ओर बॉडी में प्रवेश करती है। इस ओर अगर लगातार खाते रहते हैँ तो पेट से जुड़ी कई तरह कि दिक्क़तें और समस्याएं बढ़ने लग जाती हैँ।

घर के पितर हो जाते हैँ काफी ज्यादा क्रोधित

दक्षिण दिशा कि ओर खासतौर पर मुख करके खाना नहीं खाना चाहिए। क्योंकि ये दिशा पितरों कि होती है। ऐसे में अगर इस ओर मुख करके खाना खाते हैँ तो पितर असंतुष्ट भी हो सकते हैँ। वहीं, उनके ऊपर नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है। साथ ही स्ट्रेस लेवल भी हाई होने लग जाता हैँ।

खाना खाने कि अगर सबसे उचित दिशा कि बात करें तो असल में वे होती है पश्चिम दिशा। पश्चिम दिशा बहुत ही ज्यादा शुभ मानी जाती है। कहते हैँ कि इस दिशा कि ओर खाना खाने से बॉडी कि इम्युनिटी दिन प्रतिदिन इम्प्रूव होती है। साथ ही स्ट्रेस लेवल भी कम होता है। सेहत से जुड़ी गंभीर दिक्क़तें भी लगभग दूर हो जाती हैँ।

दक्षिण  दिशा कि ओर एक मुख्य बात का और ध्यान रखना चाहिए कि इस ओर सोना भी नहीं चाहिए। क्योंकि ये नेगेटिविटी को बढ़ाने का काम करता है।