नई दिल्ली: सरकार द्वारा इनकम टैक्स बिल को संसद में पेश किया गया। इसको आप आसानी के साथ डाउनलोड कर पाएंगे। इस बिल में बदलाव के बाद जुड़ी अटकलों पर विराम लगाया गया। इस बिल में नियमों को लेकर अधिक बदलाव नहीं हुआ। वहीं मौजूदा टैक्स सिस्टम में स्टेबिलिटी बनी रहने की उम्मीद है। नए कोड को लेकर इनकम टैक्स की ओल्ड रिजीम को कायम रखा हुआ है। वहीं एग्रीकल्चर इनकम के अलावा इनहेरिटेंस टैक्स जैसी चीजों को छोड़ा नहीं गया।
इनकम टैक्स बिल में बड़ा बदलाव न करके सरकार ने कोई रिस्क लेने का काम नहीं किया है। नए कानून ज्यादा लंबा नहीं बताया गया। इसमें अहम वजह ये रही है कि एग्जेम्पेशन और टीडीएस जैसे नियमों को टेबल में पेश किया गया। इसको समझने में काफी मदद मिलती है। इसके साथ ही डिजिटल ट्रांजैक्शन और आनलाइन इनकम में टैक्स के नियमों को लेकर पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया। इन इनकम टैक्स सिस्टम आसान हो गया है।
इनकम टैक्स बिल में हुआ बदलाव
नए इनकम टैक्स बिल में एक बदलाव हुआ है कि एसेसमेंट ईयर की जगह पर प्रीवियस ईयर की जगह पर टैक्स ईयर का उपयोग हुआ है। इसकी मदद से टैक्स पेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में काफी आसानी होगी। इसकी मदद से कई तरह के फाइनेनशियल रेफरेंसेज को समाप्त करने में मदद मिलेगी। इस बोर्ड में सेंट्रेल बोर्ड आफ डायरेक्ट टैक्स की ताकत को बढ़ाया गया।
नया नियम हुआ लागू
इससे नियम बनाने के अलावा कानून को लागू करने के साथ ही कई अधिकार मिल चुके हैं। इसमें आने वाले टैक्स को लेकर चैलेंजस से निपटने में आसानी होती है।
नया इनकम टैक्स बिल संसद में आने के बाद 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला है। इस कानून को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि 2026 के बजट सत्र में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसकी मदद से टैक्सपेयर्स और बिजनेसमैन को इस्तेमाल में आसानी होने लगती है।