Panjab News: इस साल पहाड़ों और आसपास के क्षेत्रों में कम बारिश होने से गेहूं की फसल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। साथ ही, रणजीत सागर बांध (आर.एस.डी.) की झील में जलस्तर लगातार घटने से बिजली उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। बांध प्रशासन ने पानी की कमी को देखते हुए बिजली उत्पादन में कटौती कर दी है, जिससे निचले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए भी पानी कम छोड़ा जा रहा है। अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई, तो किसानों और बिजली उपभोक्ताओं को और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
कम बारिश के कारण रणजीत सागर बांध
कम बारिश के कारण रणजीत सागर बांध (आर.एस.डी.) की झील में जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे बिजली उत्पादन में भारी कमी आई है। पहले जहां प्रतिदिन 40-50 लाख यूनिट बिजली उत्पन्न हो रही थी, अब यह घटकर केवल 15 लाख यूनिट रह गई है। बांध प्रशासन के अनुसार, पानी की बचत के लिए केवल 4 में से 1 यूनिट को कुछ घंटों के लिए ही चलाया जा रहा है। इसके कारण निचले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए भी पानी कम छोड़ा जा रहा है, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
रणजीत सागर बांध की झील में जलस्तर की कमी
रणजीत सागर बांध की झील में जलस्तर की कमी के कारण बिजली उत्पादन और सिंचाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं। चमेरा हाइटल प्रोजेक्ट से भी बिजली उत्पादन रोक दिया गया है, जिससे झील में केवल 500 क्यूसिक पानी आ रहा है।
शाहपुरकंडी बैराज बांध से विभिन्न नहरों में निम्न मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है:
यू.बी.टी.सी. नहर: 2704 क्यूसिक
कश्मीर कैनाल: 150 क्यूसिक
इस्लामपुर नहर: 150 क्यूसिक
एम.बी. लिंक नहर (राजस्थान जाने वाली): पूरी तरह बंद
बांध प्रशासन के अनुसार, यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई तो जलस्तर और भी कम हो सकता है, जिससे बिजली उत्पादन और सिंचाई पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। बांध प्रशासन ने पानी की कमी को देखते हुए बिजली उत्पादन में कटौती कर दी है, जिससे निचले क्षेत्रों में सिंचाई के लिए भी पानी कम छोड़ा जा रहा है। अगर जल्द ही बारिश नहीं हुई, तो किसानों और बिजली उपभोक्ताओं को और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।