PM Jan Dhan Yojna: जन धन खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी..! इस साल मिलेंगे ये बड़े फायदे, जानें क्या है

PM Jan Dhan Yojna: भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण वित्तीय समावेशन पहल है जिसे 2014 में लॉन्च किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के हर व्यक्ति को बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच प्रदान करना है। 2025 तक, यह योजना 54 करोड़ 50 लाख से अधिक खाताधारकों को कवर करते हुए एक नए मुकाम पर पहुँच गई है।

PMJDY ने न केवल बैंकिंग सेवाओं तक पहुँच बढ़ाई है बल्कि यह वित्तीय सुरक्षा और समावेशन के लिए एक महत्वपूर्ण साधन भी बन गई है। यह योजना गरीब और वंचित वर्गों को बचत, ऋण, बीमा और पेंशन जैसी वित्तीय सेवाओं तक पहुँच प्रदान करती है। 2025 में, इस योजना के तहत खाताधारकों को ₹10,000 तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान की जा रही है, जो उनकी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करने में मदद करेगी।

नए लक्ष्य और उपलब्धियाँ

  • खाताधारकों की संख्या: 54 करोड़ 50 लाख से अधिक खाते खोले गए हैं।
  • जमा: इन खातों में कुल जमा राशि ₹2.31 लाख करोड़ से अधिक है।
  • रुपे कार्ड: 36 करोड़ से ज़्यादा रुपे डेबिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
  • ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्र: 67% खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं।
  • महिला खाताधारक: 55.6% खाताधारक महिलाएँ हैं।

PMJDY का एक महत्वपूर्ण लाभ

प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत खाताधारकों को ₹10,000 तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान की जाती है। यह सुविधा खाताधारकों को वित्तीय संकट के समय मदद करती है।

ओवरड्राफ्ट सुविधा की मुख्य विशेषताएँ

  • राशि: अधिकतम ₹10,000 तक
  • पात्रता: 6 महीने तक संतोषजनक खाता संचालन के बाद
  • ब्याज दर: बैंक का MCLR + 3%
  • अवधि: 36 महीने, वार्षिक समीक्षा के अधीन
  • प्रसंस्करण शुल्क: कोई प्रसंस्करण शुल्क नहीं

PMJDY और वित्तीय साक्षरता

वित्तीय शिक्षा: खाताधारकों को बैंकिंग, बचत और निवेश के बारे में शिक्षित किया जाता है।

जागरूकता अभियान: बैंक मित्र और ग्रामीण शाखाएँ वित्तीय जागरूकता फैलाने में मदद करती हैं।

डिजिटल साक्षरता: डिजिटल बैंकिंग और लेन-देन के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता है।

PMJDY और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ

चुनौतियाँ:

  1. निष्क्रिय खाते: कुछ खाते निष्क्रिय रहते हैं।
  2. वित्तीय साक्षरता: कई खाताधारकों में वित्तीय जागरूकता की कमी है।
  3. बुनियादी ढाँचा: ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग बुनियादी ढाँचे की कमी।
  4. साइबर सुरक्षा: डिजिटल लेन-देन में वृद्धि के साथ साइबर सुरक्षा की चिंताएँ।

समाधान:

  1. जागरूकता अभियान: वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के लिए अभियान।
  2. मोबाइल बैंकिंग: मोबाइल बैंकिंग सेवाओं को मजबूत करना।
  3. बैंक मित्र: ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक मित्रों की संख्या बढ़ाना।
  4. साइबर सुरक्षा उपाय: मजबूत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करना।