नई दिल्ली: अगर आप खेती की मदद से मोटी कमाई करने की योजना बना रहे हैं तो आपको बेहतर आइडिया के बारे में जानकारी देने वाले हैं। यह एक शानादार बिजनेस रहेगा जिसमें आपको खूब कमाई करने का मौका मिल जाएगा। हम जूट की खेती को लेकर बात कर रहे हैं। वहीं देश में पारंपरिक खेती की तरफ रूख कम किया जा रहा है। नकदी फसल पर सभी का ध्यान जाता है। सरकार द्वारा भी जूट की खेती को लेकर प्रोत्साहित किया जाता है। किसानों को मुनाफा दिलाने के इरादे से जूट की कीमत में बढ़ोतरी हुई है।
पिछले कुछ सालों के दौरान जूट को सबसे उपयोगी नैचरल फीबर के तौर पर जाना जाता है। गेहूं और सरसों की कटाई के साथ ही मार्च से अप्रैल के दौरान जूट की बुनवाई आसानी से कर सकते हैं। आप इस दौरान मोटी कमाई को लेकर जूट की फसल का उपयोग कर पाएंगे।
देश में बात करें तो जलवायु के अनुसार विशेष फसल को उगाते हैं। जूट को इन फसलों में शामिल किया गया है। पूर्वी भारत में जूट की बड़ी स्तर पर खेती की जाती है। वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य भी उत्पादक राज्य की सूची में दिए गए हैं।
जूट की कीमत में हुई बढ़ोतरी
केंद्र सरकार द्वारा जूट की कीमत में 6 फीसदी की बढ़त की गई है। इससे किसानों की आमदनी आसानी से बढ़ने लगती है। पूरी दुनिया में बात करें तो जूट का उत्पादन 50 फीसदी तो भारत में होता है। वहीं बांग्लादेश, चीन और थाइलैंड में जूट का उत्पादन किया जाता है।
क्या होता है जूट
जूट एक नकदी फसल के तौर पर जाना जाता है। जूट की बात करें तो ये एक लंबा और चमकदार पौधा रहता है। इसका रेशा को एकसाथ कर धागा तैयार किया जाता है। इसको पैकिंग के लिए भी इस्तेमाल करते हैं। अनाज में उपयोग होने वाली बोरी भी जूट से तैयार की जाती है।