नई दिल्ली: आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस स्कीम में राशन कार्ड को भी शामिल किया है। इसके तहत लोगों को मुफ्त में राशन दिया जाता है। लेकिन इस योजनाओं में कई लोग फ्राड भी करते हैं। ऐसे लोगों पर कार्यवाई की जाती है। रसद विभाग इन लोगों पर पेनाल्टी लगा देता है। क्या आप जानते हैं फर्जीवाड़ा करने वालो पर किसी तरह से वसूली को अंजाम दिया जाता है।
खाद्य सुरक्षा योजना की बात करें तो हर महीने मिल रहे राशन में कई तरह की गड़बड़ी के बारे में सुना गया है। इसके अलावा राजस्थान में भी फर्जीवाड़ा को लेकर कई मामला सामने आ चुका है। इसक बाद रसद विभाग के द्वारा कई तरह की योजना बनाई गई है ताकि इसको लेकर रोक लगाई जा सके।
ऐसे की जाएगी वसूली
रसद विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक अगर कोई फर्जी तरह से राशन की खपत करता है तो नाम हटवा ले। वरना रसद विभाग द्वारा उससे 27 रूपये प्रति किलो लगाते हुए वसूली को अंजाम दिया जाएगा। दूसरी तरफ गिवअप करने के केस में वसूली को अंजाम नहीं दिया जाएगा।
रसद विभाग के द्वारा चलाया गया अभियान
गलत तरीके से राशन लेने वालों के खिलाफ रसद विभाग ने कैंपेन शुरू कर दिया है। इस साफ तौर पर बताया गया है कि जो लोग गलत तरीका अपनाकर राशन लेते हैं वो खुद ही अपने नाम को हटवा लें। इस केंपेन को 31 जनवरी तक चलाया जाना है। इसके तहत लगभग एक हजार लोगों ने इसकी पात्रता को पूरी तरह से छोड़ा है।
फर्जीवाड़ा को पहचानना हुआ आसान
राशन कार्ड धारकों का डेटा पूरा करने के लिए खाद्य विभाग द्वारा केवाईसी करवा रहे हैं। इसके मुताबिक राशन कार्ड के लाभार्थियो को रोशन कार्ड और आधार कार्ड को जोड़ने का काम कर रहे हैं। अगर उनका आधार और पैन कार्ड लिंक है तो इसके लाभ की जानकारी को आसानी के साथ ही ट्रैक कर पाएंगे।