नई दिल्ली: 1 अप्रैल 2025 से यूनीफाइड पेंशन स्कीम लागू होने वाली है। 24 अगस्त 2024 को इसको मंजरी मिल गई थी। वित्त मंत्रालय ने इस स्कीम को लेकर नोटिफाई कर दिया था। वहीं यूपीएस को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इस नियम में क्या खास बनाया गया है। पेंशन कितनी होगी। इसकी मदद से आपको कितना फायदा मिल रहा है। आप मन में कुछ सवाल हैं जिसका जवाब हम आपको विस्तार से देने वाले हैं।
किसको मिलेगा फायदा
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी हुई नोटिफिकेशन के अनुसार यूपीएस 1 उन कर्मचारियों के लिए लागू किया जाना है, जो नेशनल पेंशन स्कीम में शामिल रहते हैं। वहीं एनपीएस के तहत आप इसका विकल्प चुना जा सकता है। 23 लाख कर्मचारियों के लिए यूपीएस और एनपीएस में चुनाव करने का विकल्प मिलने वाला है। एनपीएस के अनुसार मौजूदा कर्मचारी, के अलावा केंद्र सरकार फ्यूचर एंप्लायीज के लागू होने की तारीख पर या फिर एनपीएस के तहत इसका विकल्प चुना जा सकता है।
कितनी पेंशन का किया वादा
यूनिफाइड पेंशन स्कीम के अनुसार कर्मचारी वाले रिटायरमेंट के पहले ही 12 महीनों में हासिल होने वाले एवरेज बेसिक पे में 50 प्रतिशत रिटायरमेंट के बाद से फुल एश्योर्ड प्लान के अनुसार देने की बात कही गई है। नोटिफिकेशन के अनुसार कर्मचारी को सर्विस में हटाने जाने या फिर उसका इस्तीफा देने के दौरान एश्योर्ड पेंशन मौजूद नहीं रहती है। फुल पेमेंट की दर रिटारमेट के पहले ही 12 महीने की एवरेज बेसिक पे में से 50 प्रतिशत दी जाएगी। इस दौरान कर्मचारी की 25 साल की सर्विस होना अहम होता है।
कर्मचारी की मिनिमम सर्विस 25 साल से कम रहने के मामले में पेंशन तो होगी लेकिन उससे कम होने की उम्मीद है। अगर कर्मचारी की सर्विस 10 साल या फिर उससे ज्यादा होती है तो मिनिमम 10,000 रूपये पेंशन की गारंटी मिल जाती है।
सरकार का बढ़ जाएगा कंट्रीब्यूशन
अभी केंद्र कर्मचारी की पेंशन के दौरान सरकार का योगदान 14 प्रतिशत रहता है। यूपीएस द्वारा सरकार के इस योगदान को बढ़ाने के बाद 18 प्रतिशत करने वाली है।
पेंशन पर डियरनेस रिलीफ का मिलेगा फायदा
महंगाई राहत यूपीएस के अनुसार एश्योर्ड पेंशन या फिर फैमिली पेंशन पर उपलब्ध होती है। महंगाई राहत की कैल्कूलेशन उसी तरह करते हैं जिस तरह से सर्विस एंप्लायीज को लेकर महंगाई भत्ते के लिए करते हैं।