CM योगी पर इस मुसलमान नेता का खौला खून, कट्टरपंथी पर छिड़ी बहस, गोरखपुर पर उठा सवाल

नई दिल्ली: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के उर्दू और कट्टरपंथियों वाले बयान पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि यूपी के सीएम ने उर्दू को कट्टरपंथियों और मौलवियों की भाषा बताया था। उन्होंने यह भी कहा कि इसे पढ़कर कोई वैज्ञानिक नहीं बन जाता। योगी के इस बयान पर ओवैसी ने कहा कि यूपी के सीएम को उर्दू नहीं आती लेकिन वे वैज्ञानिक क्यों नहीं बने इसका जवाब वही दे सकते हैं।

आजादी में शामिल नहीं हुआ

एआईएमआईएम के 67वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि योगी कहते हैं कि उर्दू पढ़ने वाले कट्टरपंथी बन जाते हैं. वह जिस विचारधारा से आते हैं, उसका कोई भी व्यक्ति देश की आजादी में शामिल नहीं हुआ. वह गोरखपुर से आते हैं. फिराक गोरखपुरी भी उसी शहर से थे. उन्हें भी कट्टरपंथी ही कहते. वह उर्दू के बेहतरीन शायर थे. यह उनकी बौद्धिक क्षमता है. ओवैसी ने कहा कि जिस व्यक्ति के दिल और दिमाग पर ग्रहण लग गया हो, उसके सिर तक दुनिया की कोई रोशनी नहीं पहुंच सकती. ओवैसी ने कहा कि सीएम योगी को यह नहीं पता कि उर्दू देश की आजादी की भाषा है. सीएम योगी को उर्दू से नफरत है.

दोहरा चरित्र वाला बताया था

यूपी विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन सीएम योगी और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी. नोकझोंक अंग्रेजी हटाने और उर्दू को शामिल करने को लेकर थी. सीएम योगी ने सपा को दोहरा चरित्र वाला बताया था. इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि सपा अन्य भाषाओं की तुलना में उर्दू को ज्यादा महत्व देती है. माता प्रसाद ने कहा कि अंग्रेजी न तो हमारी राष्ट्रभाषा है और न ही हमारी मातृभाषा. विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि वे अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों में पढ़ाएंगे और दूसरे बच्चों को उर्दू पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे. ऐसा नहीं चलेगा. योगी के इस बयान पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने नाराजगी जताई थी.

ये भी पढ़ें: ढाबे पर कर रहा था ऐसा काम… फिर उसी से गुथने का लगा आटा, वीडियो देखकर खौल उठेगा खून!