पाकिस्तान में तालिबान के बेटे की हुई मौत, मस्जिद में दिखा दहशत, सुरक्षा की गई कड़ी

नई दिल्ली: पाकिस्तान (Pakistan) के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के अखोरा खट्टक में दारुल उलूम हक्कानिया मदरसा में शुक्रवार की नमाज के दौरान आत्मघाती विस्फोट हुआ, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हमले में जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-सामी (JUI-S) के प्रमुख मौलाना हमीदुल हक हक्कानी की भी मौत हो गई। वह JUI-S के पूर्व प्रमुख और “तालिबान के जनक” मौलाना समीउल हक हक्कानी के बेटे थे।

स्पताल पहुंचाया गया

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मौलाना हमीदुल हक हक्कानी नमाज के दौरान मस्जिद की पहली पंक्ति में मौजूद थे, जिससे पता चलता है कि इस हमले का मुख्य निशाना वही थे। विस्फोट के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जुल्फिकार हमीद ने पुष्टि की कि यह आत्मघाती हमला था और इसका निशाना मौलाना हमीदुल हक थे।

मामले की जांच कर रही

वहीं उन्होंने स्थानीय मीडिया को बताया कि सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं और विस्फोट के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। दारुल उलूम हक्कानिया मदरसा कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा के लिए कुख्यात है और इसे तालिबान नेताओं की शिक्षा का मुख्य केंद्र माना जाता है। इस हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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