Terrorists: बंगाल में हुई साजिश नाकाम, गड़बड़ी फैलाने चाहता था, विदेशी सामान पकड़ाया

नई दिल्ली: राष्ट्रीय सुरक्षा बलों ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) में अति-राष्ट्रवादी ताकतों की बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। यह जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक आंतरिक सूत्र से मिली है। सूत्र के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने राज्य में 21 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मौके पर आतंकी हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया है। बताया जा रहा है कि अति-राष्ट्रवादी ताकतों द्वारा बंगाल में बड़ी गड़बड़ी फैलाने की आशंका थी, जिसे नाकाम कर दिया गया है।

सिग्नल पकड़ लिया था

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कुछ दिन पहले ही विदेशी रेडियो सिग्नल पकड़े गए थे। जिसमें कुछ लोग (आतंकवादी) कोड भाषा में बात कर रहे थे। चिंता की बात यह थी कि पश्चिम बंगाल के एमेच्योर रेडियो क्लब ने सिग्नल पकड़ लिया था। टीवी9 ने सबसे पहले यह खबर प्रसारित की थी जिसमें बताया गया था कि गंगासागर और कोलकाता से संदिग्ध सिग्नल मिले थे जहां लोग पश्चिम बंगाल को नुकसान पहुंचाने की बात कर रहे थे।

रेडियो स्टेशन पर गए

सिग्नल कैप्चर होते ही इसकी रिकॉर्डिंग केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी गई। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के कोलकाता पहुंचते ही गृह मंत्रालय के सदस्य हैम रेडियो स्टेशन पर गए। इस दौरे से पहले गृह मंत्रालय के एक खास सूत्र के जरिए संभावित आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ। कहा जा रहा है कि अगर सुरक्षा बल सतर्क नहीं होते तो पश्चिम बंगाल में हमला हो सकता था।

दो दिवसीय बैठक भी की

देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता गए। जहां, उन्होंने राज्य की राजधानी कोलकाता में खुफिया अधिकारियों के साथ दो दिवसीय बैठक भी की। माना जा रहा है कि इस बैठक में पड़ोसी देश बांग्लादेश में पाकिस्तानी जासूसी एजेंसी आईएसआई की बढ़ती गतिविधियों और पश्चिम बंगाल में भगोड़े माओवादी नेताओं की मौजूदगी की संभावना जैसे कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

बड़ी कार्रवाई चल रही

केंद्रीय खुफिया ब्यूरो के सूत्रों ने बताया कि डोभाल का दौरा इस बात को देखते हुए बहुत महत्वपूर्ण है कि आईएसआई ने एक महीने के भीतर दो बार बांग्लादेश का दौरा किया है और छत्तीसगढ़ में माओवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई चल रही है। डोभाल ने पिछले तीन महीनों में बांग्लादेश स्थित आतंकवादी संगठन अंसार-अल-इस्लाम (जिसे अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) के नाम से भी जाना जाता है) और पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के कुल 19 गुर्गों की गिरफ्तारी पर चर्चा की, जिनके पश्चिम बंगाल और असम से संबंध सामने आ रहे हैं।

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