नई दिल्ली: लंबे समय के इंतजार और करियर में उतार-चढ़ाव के बाद, करुण नायर ने घरेलू क्रिकेट में अपने बल्ले से धमाकेदार वापसी की है। विजय हजारे ट्रॉफी में विदर्भ की ओर से खेलते हुए उन्होंने सात पारियों में पांच शतक और एक अर्धशतक लगाते हुए कुल 752 रन बनाए। यह प्रदर्शन साबित करता है कि करुण नायर का सपना, भारत के लिए खेलने का, अभी भी उनके दिल में जीवित है। यह वही करुण नायर हैं, जिन्होंने तीन साल पहले सोशल मीडिया पर भावुक होकर लिखा था, “डियर क्रिकेट, प्लीज मुझे एक मौका और दे दो।”
उनकी इस शानदार वापसी ने क्रिकेट फैंस और सलेक्टर्स का ध्यान खींचा है। सवाल उठता है कि क्या इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज और ICC चैंपियंस ट्रॉफी के लिए उन्हें मौका मिलेगा? हालांकि इसका उत्तर समय देगा, लेकिनकरुण नायर के प्रदर्शन ने इस उम्मीद को फिर से जगा दिया है।
करुण नायर का मानना है कि उनके हालिया प्रदर्शन के पीछे कोई रहस्य नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने कुछ अलग नहीं किया। यह बरसों की मेहनत और सब्र का फल है। हर दिन को मैंने एक नई चुनौती की तरह लिया और अपना बेस्ट देने की कोशिश की।” करुण नायर का विजय हजारे ट्रॉफी में प्रदर्शन जबरदस्त रहा। उनकी स्टैबिलिटी और धैर्य का यह नतीजा है कि उन्होंने इतने बड़े आंकड़े खड़े किए।
करुण नायर ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह मेरी तीसरी वापसी है। मुझे इस लय को बनाए रखना है और हर मैच में रन बनाने पर ध्यान देना है। मैं इतना ही कर सकता हूं, क्योंकि सब कुछ मेरे हाथ में नहीं है।”
करुण नायर ने एक समय ऐसा भी देखा जब उनके रन नहीं बन रहे थे। इस बारे में उन्होंने कहा, “अगर मैं कहूं कि मुझे डर नहीं लगा तो वह झूठ होगा। लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा कि मेरा करियर खत्म हो जाएगा। मैं बस यह सोचता था कि मैं क्या कर रहा हूं और इसे कैसे सुधार सकता हूं।” उनके इस संघर्ष ने उन्हें न केवल एक बेहतर खिलाड़ी बनाया, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत किया।
कर्नाटक की टीम छोड़कर विदर्भ के लिए खेलने का करुण नायर का फैसला उनके करियर के लिए अहम साबित हुआ। उन्होंने कहा, “मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे विदर्भ के लिए खेलने का मौका मिला। उन्होंने मुझे जो मंच और माहौल दिया, उसके बिना मैं यहां तक नहीं पहुंच पाता।” विदर्भ की टीम ने करुण नायर को नई एनर्जी दी और उन्हें खुद को साबित करने का एक शानदार मौका दिया।
करुण नायर का यह प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए सलेक्शन का रास्ता खोल सकता है। इंग्लैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज और चैंपियंस ट्रॉफी में उनकी वापसी पर सलेक्टर्स की नजर होगी। नायर का कहना है, “भारत के लिए खेलने का सपना हमेशा से रहा है। वह सपना अभी भी पल रहा है।”