नई दिल्ली: अगर आप नई कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो जल्दी कर लें, क्योंकि 1 अप्रैल 2025 से कारों के दाम बढ़ने वाले हैं। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई ऑटोमोबाइल कंपनियां अपने पैसेंजर व्हीकल्स की कीमतों में इजाफा करने जा रही हैं। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, महिंद्रा, हुंडई, किआ और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों ने पहले ही अपने मॉडल्स के दाम बढ़ाने की घोषणा कर दी है। आइए जानते हैं, किन गाड़ियों की कीमत कितनी बढ़ने वाली है और इसकी वजह क्या है।
कितनी बढ़ेंगी कारों की कीमतें?
भारत में ज्यादातर ऑटोमेकर्स साल में दो बार कीमतें बढ़ाते हैं—पहली बार जनवरी में और दूसरी बार अप्रैल में। इस साल जनवरी में भी कारों के दाम 2-4% तक बढ़ाए गए थे और अब अप्रैल में फिर से 3-4% तक का इजाफा होने वाला है।
कंपनीवार कीमतों में बढ़ोतरी:
मारुति सुजुकी – सभी मॉडल्स के दाम 4% तक बढ़ेंगे।
हुंडई मोटर इंडिया – कारों की कीमत में 3% तक का इजाफा होगा।
टाटा मोटर्स – जनवरी में 3% दाम बढ़ाने के बाद फिर से दाम बढ़ने की उम्मीद।
महिंद्रा एंड महिंद्रा – गाड़ियों के दाम 3% तक बढ़ाए जाएंगे।
किआ इंडिया – जनवरी में 2% दाम बढ़ाने के बाद अब अप्रैल में 3% तक बढ़ोतरी होगी।
बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया – जनवरी की तरह अब भी 3% तक कीमत बढ़ेगी।
क्यों बढ़ रही हैं कारों की कीमतें?
कारों की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह इनपुट कॉस्ट और ऑपरेशनल एक्सपेंस में लगातार हो रही बढ़ोतरी है। कच्चे माल की लागत बढ़ने और सप्लाई चेन से जुड़े खर्चों के कारण ऑटोमोबाइल कंपनियां अपने वाहनों के दाम बढ़ाने पर मजबूर हो रही हैं।
अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 1 अप्रैल से पहले खरीद लेना एक फायदेमंद फैसला हो सकता है, क्योंकि कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं।