नई दिल्ली: शुक्रवार (28 मार्च 2025) को म्यांमार में आए भूकंप (Earthquake) ने भारी तबाही मचाई। म्यांमार की स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन काउंसिल की टीम ने बताया कि इस भूकंप से अब तक 1002 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2376 लोग घायल हैं और 30 लोग लापता हैं। भूकंप की तीव्रता 7.7 थी, जिसके बाद परिवहन और संचार नेटवर्क में भारी दिक्कतें आईं, फिर भी बचाव अभियान तेजी से चल रहा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) ने आशंका जताई है कि म्यांमार में मरने वालों की संख्या 10000 से ज्यादा पहुंच सकती है।

10 लोगों की मौत हो गई

वहीं, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में 30 मंजिला इमारत गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई है। म्यांमार में भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके मांडले, बागो, मैगवे, पूर्वोत्तर शान स्टेट, सागाइंग और नेपी ताव हैं। यांगून-मांडले हाईवे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं। भारत ने म्यांमार के लोगों को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत ने अपनी पड़ोस प्रथम और एक्ट ईस्ट नीति को ध्यान में रखते हुए यांगून में टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, भोजन के पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री की पहली खेप पहुंचाई है। दक्षिण कोरिया ने दो अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से दो मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की बात कही है।

दुकानें भी ढह गईं

भारतीय नौसेना के जहाज आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस सावित्री 40 टन मानवीय सहायता लेकर यांगून बंदरगाह की ओर रवाना हुए। न्यूजीलैंड ने म्यांमार को दो मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है। चीन और रूस ने भी अपने बचाव दल म्यांमार भेजे हैं।बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, मांडले क्षेत्र में एक स्कूल की इमारत ढहने से 12 बच्चों और एक शिक्षक की मौत हो गई है। बचावकर्मियों ने कहा कि इमारत ढहने के बाद करीब 50 बच्चे और छह शिक्षक लापता हैं। उन्होंने कहा कि हमने केवल 13 शव बरामद किए हैं। रेड क्रॉस और सामाजिक सहायता समूह बचाव में मदद कर रहे हैं। भूकंप के कारण क्याउकसे शहर में घर और दुकानें भी ढह गईं।

सहायता की अपील की

म्यांमार के वरिष्ठ नेता जनरल मिन आंग ह्लाइंग ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय समुदायों से मानवीय सहायता की अपील की है। म्यांमार को अपने समय के सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक से उबरने में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के क्षतिग्रस्त होने और आवश्यक सेवाओं के बंद होने के कारण, बचे हुए लोगों को अपना जीवन फिर से शुरू करने में मदद करने के लिए त्वरित राहत प्रयासों की आवश्यकता है।

ये भी पढ़ें: जयशंकर ने पाकिस्तान की लगा दी वाट, सरकार को लगी मिर्ची, अब मचेगा का देश में हाहाकार!