नई दिल्ली: आजकल कई ऑटोमोबाइल कंपनियां हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे रही हैं। प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल (PHEV) खासतौर पर इसलिए पसंद की जा रही हैं क्योंकि ये पेट्रोल और बैटरी दोनों से चलती हैं, जिससे माइलेज भी बेहतर हो जाता है। इसी कड़ी में ऑडी ने अपनी पॉपुलर A5 का नया PHEV वर्जन लॉन्च किया है, जो पेट्रोल खत्म होने पर 110Km तक सिर्फ बैटरी पर दौड़ सकती है।
नई Audi A5 PHEV: इंजन और परफॉर्मेंस
Audi A5 ई-हाइब्रिड में 2.0-लीटर, चार-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 252hp की पावर जनरेट करता है। इसके साथ इसमें 142hp की पावर देने वाली इलेक्ट्रिक मोटर लगी है। कुल मिलाकर यह कार दो पावर आउटपुट वेरिएंट्स में आती है:
300hp पावर और 450Nm टॉर्क
367hp पावर और 500Nm टॉर्क
दोनों ही वेरिएंट्स 7-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और क्वाट्रो ऑल-व्हील ड्राइव के साथ आते हैं। इससे कार की परफॉर्मेंस शानदार बनती है और यह हर तरह के रोड कंडीशंस में बेहतरीन ड्राइविंग एक्सपीरियंस देती है।
बैटरी और चार्जिंग
Audi A5 PHEV में 25.9 kWh की बैटरी दी गई है, जो 110Km की इलेक्ट्रिक रेंज ऑफर करती है। यह कार 11 kW तक की AC चार्जिंग को सपोर्ट करती है, जिससे बैटरी सिर्फ 2.5 घंटे में फुल चार्ज हो जाती है।
ऑडी का दावा है कि इस मॉडल में रीजनरेटिव ब्रेकिंग परफॉर्मेंस को भी बेहतर बनाया गया है, जिससे बैटरी की एफिशिएंसी और ज्यादा बढ़ जाती है। इसमें दो ड्राइव मोड मिलते हैं:
EV मोड: पूरी तरह इलेक्ट्रिक ड्राइविंग के लिए
हाइब्रिड मोड: बैटरी और इंजन का बैलेंस्ड उपयोग
डिजाइन और फीचर्स
नई Audi A5 PHEV के एक्सटीरियर में ई-हाइब्रिड बैजिंग को छोड़कर ज्यादा बदलाव नहीं किए गए हैं। यह कार स्टैंडर्ड A5 मॉडल की तरह ही दिखती है। हाई-पावर वेरिएंट S लाइन और ब्लैक एक्सटीरियर स्टाइलिंग पैकेज के साथ आता है, जो इसे ज्यादा स्पोर्टी लुक देता है।
इंटीरियर में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। इसमें मिलता है:
11.9-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले
14.5-इंच इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन
MMI पैनोरमिक डिस्प्ले
भविष्य की योजनाएं
ऑडी आने वाले समय में A3, A6, Q5 और नई जनरेशन Q3 के भी PHEV वेरिएंट लॉन्च करने की योजना बना रही है। Audi A5 PHEV उन लोगों के लिए बेहतरीन ऑप्शन है जो फ्यूल एफिशिएंसी और हाई-परफॉर्मेंस का बेहतरीन कॉम्बिनेशन चाहते हैं। 110Km की इलेक्ट्रिक रेंज और शानदार फीचर्स के साथ यह कार भारतीय बाजार में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी के फ्यूचर को मजबूत कर सकती है।