नई दिल्लीः अगर आप शेयर बाजार में लगातार हो रहे नुकसान से परेशान हैं, तो अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है! सरकारी बचत योजनाएं एक बार फिर निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरी हैं. डाकघर की बचत योजनाएं न सिर्फ पूरी तरह से सुरक्षित हैं और बाजार की उठापटक का इन पर कोई असर नहीं पड़ता, बल्कि इनमें आपको अच्छा ब्याज भी मिलता है. छोटी बचत योजनाओं में भी लंबी अवधि के निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप भविष्य के लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं.

इनमें दो स्कीमें खास हैं – पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY). ये दोनों ही योजनाएं लंबी अवधि के निवेश को बढ़ावा देती हैं. दोनों में ही 15 साल तक निवेश करने का विकल्प है. अगर आप भी 15 साल के लिए निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि आपके लिए कौन सी स्कीम ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है.

Read More: Redmi Note 14S: चुपके से लॉन्च हुआ नया धांसू स्मार्टफोन, जानें कीमत और फीचर्स

Read More: Free Ration Update: राशन कार्ड धारकों की लगी लॉटरी..! अब हर महीने मिलेंगे फ्री राशन के साथ..इतने रुपए कैश

PPF और SSY: कौन है बेहतर?

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) दोनों ही भारत सरकार की योजनाएं हैं और आप इनमें किसी भी डाकघर में खाता खुलवा सकते हैं.

ये दोनों ही स्कीमें लंबी अवधि के निवेश को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं, जिससे आप अपने कई वित्तीय लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर सकते हैं.

दोनों ही योजनाओं में आप एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 1.50 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं. आप चाहें तो इसे हर महीने भी जमा कर सकते हैं. अगर आप हर महीने लगभग 12,500 रुपये जमा करते हैं, तो साल भर में 1.50 लाख रुपये की सीमा पूरी हो जाएगी.

पीपीएफ में आपको 15 साल तक पैसा जमा करना होता है, और इसकी मैच्योरिटी भी 15 साल की है. वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना में भी आपको 15 साल तक ही निवेश करना है, लेकिन यह खाता 21 साल में मैच्योर होता है.

टैक्स की नहीं है कोई टेंशन!

सुकन्या समृद्धि योजना और पीपीएफ दोनों ही टैक्स-फ्री स्कीमें हैं. इन पर EEE यानी तीन अलग-अलग स्तर पर टैक्स छूट मिलती है. सबसे पहले, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत सालाना 1.50 लाख रुपये तक के निवेश पर आपको टैक्स में छूट मिलती है. दूसरा, इससे मिलने वाले ब्याज पर भी कोई टैक्स नहीं लगता. और तीसरा, मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम भी टैक्स-फ्री होती है.

PPF कैलकुलेशन (Fact Check: ब्याज दर 7.1% है)

अधिकतम मासिक जमा: 12,500 रुपये
अधिकतम वार्षिक जमा: 1,50,000 रुपये
ब्याज दर: 7.1% सालाना कंपाउंडिंग
15 साल बाद मैच्योरिटी पर अनुमानित रकम: लगभग 40,68,209 रुपये
कुल निवेश: 22,50,000 रुपये
ब्याज का अनुमानित फायदा: लगभग 18,18,209 रुपये
SSY कैलकुलेशन (Fact Check: ब्याज दर 8.2% है)

SSY पर ब्याज दर: 8.2% सालाना

एक वित्तीय वर्ष में जमा की अधिकतम सीमा: 1.50 लाख रुपये (मासिक अधिकतम 12,500 रुपये भी जमा कर सकते हैं)
15 साल में निवेश: 22,50,000 रुपये
21 साल की मैच्योरिटी पर अनुमानित कुल रकम: लगभग 69,80,100 रुपये
ब्याज का अनुमानित फायदा: लगभग 47,30,100 रुपये

निवेश एक समान, लेकिन मुनाफे में बड़ा अंतर!

ऊपर दिए गए कैलकुलेशन से यह साफ है कि दोनों ही योजनाओं में एक निवेशक के तौर पर आप 15 साल में अधिकतम 22.50 लाख रुपये जमा कर सकते हैं. पीपीएफ स्कीम 15 साल बाद ही मैच्योर हो जाती है और मैच्योरिटी पर आपको लगभग 40.68 लाख रुपये मिलते हैं. यानी इसमें ब्याज का फायदा लगभग 18.18 लाख रुपये होता है.

वहीं, सुकन्या समृद्धि योजना में आप 15 साल में पीपीएफ के बराबर ही अधिकतम 22.50 लाख रुपये जमा करते हैं. लेकिन यह स्कीम 6 साल बाद मैच्योर होती है, इसलिए इसमें कंपाउंडिंग का ज्यादा फायदा मिलता है. SSY में आपको तय अधिकतम सीमा में निवेश करने पर 21 साल बाद लगभग 69.80 लाख रुपये का फंड मिलता है, यानी ब्याज का फायदा 47.30 लाख रुपये से भी ज्यादा होता है.

निष्कर्ष: अगर आप लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न चाहते हैं, खासकर अपनी बेटी के भविष्य के लिए, तो सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकती है. वहीं, पीपीएफ भी एक अच्छा विकल्प है जो सुरक्षा और स्थिर रिटर्न देता है. अपनी जरूरतों और लक्ष्यों के अनुसार आप इन दोनों योजनाओं में से किसी एक या दोनों में भी निवेश कर सकते हैं.

Read More: Disability Pension Scheme: सरकार का बड़ा ऐलान..! दिव्यांगो को हर महीने देगी 3,000 रुपए, ऐसे करना होगा आवेदन

Read More: MP weather update : उफ्फ ये गर्मी! प्रदेश में 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान,15 से 20 दिन हीट वेव चलने का अनुमान