नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S.Jaishankar) ने पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों को लेकर बयान दिया है। जयशंकर के इस बयान के बाद पाकिस्तान की शाहबाज शरीफ सरकार पूरी तरह से बौखला गई है। पाकिस्तान की यह हताशा उसके विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान से साफ झलकती है। पाकिस्तान ने भारत को यहां तक ​​चेतावनी दे दी कि भारत को उसके अल्पसंख्यकों के बारे में बोलने का कोई अधिकार नहीं है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार (28 मार्च) को लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचार और अभद्र व्यवहार को लेकर पड़ोसी देश की आलोचना की।

विदेश मंत्री ने बयान दिया

वहीं उन्होंने कहा, “भारत पाकिस्तान के अंदर अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर करीब से नजर रख रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जहां मानवाधिकारों का उल्लंघन, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार और लोकतांत्रिक मूल्यों का व्यवस्थित तरीके से क्षरण राज्य की नीतियां हैं। इसके अलावा पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों को भी अपने देश में पनाह देता है।” लोकसभा में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान से पाकिस्तान भड़क गया। इसके बाद शनिवार (29 मार्च) को पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने बयान दिया।

व्यवस्थित उत्पीड़न जारी है

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “भारत के पास अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर उपदेश देने का कोई नैतिक आधार नहीं है। सीएए से लेकर मॉब लिंचिंग तक, बाबरी मस्जिद के विध्वंस से लेकर दिल्ली में नरसंहार तक, भारत में अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय का व्यवस्थित उत्पीड़न जारी है। इसलिए भारत को दूसरों के घरों में अल्पसंख्यकों की चिंता करने के बजाय अपनी विफलताओं पर ध्यान देना चाहिए।” अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने भी अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को लेकर चिंता जताई थी।

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