नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया की 1-3 से करारी हार के बाद घरेलू क्रिकेट में स्टार खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी थी। BCCI ने टीम इंडिया के खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य कर दिया, ताकि वे फॉर्म में लौट सकें और अपने खेल को बेहतर बना सकें। इस निर्णय के बाद ऋषभ पंत, शुभमन गिल, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के रणजी ट्रॉफी खेलने की खबरें सुर्खियां बनीं।
हालांकि, हाल ही में खबर आई है कि विराट कोहली और केएल राहुल, रणजी ट्रॉफी के अगले राउंड में हिस्सा नहीं लेंगे। चोट की वजह से दोनों खिलाड़ियों ने BCCI के मेडिकल स्टाफ को अपनी अनुपलब्धता की जानकारी दी है।
दिल्ली की रणजी टीम में विराट कोहली का नाम शामिल होने के बाद क्रिकेट फैंस उत्साहित थे कि कई साल बाद कोहली घरेलू क्रिकेट में खेलते नजर आएंगे। लेकिन ईएसपीएनक्रिकइन्फो की रिपोर्ट के अनुसार, विराट कोहली ने मेडिकल स्टाफ को सूचित किया है कि उन्हें गर्दन में दर्द की समस्या है।
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के सिडनी टेस्ट के बाद कोहली ने इस दर्द के लिए इंजेक्शन भी लिया था। हालांकि, दर्द में सुधार नहीं हुआ, जिससे उन्हें 23 जनवरी को सौराष्ट्र के खिलाफ दिल्ली के मैच से बाहर होना पड़ा।
दूसरी ओर, केएल राहुल की कोहनी में चोट के कारण वह रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक की ओर से खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। राहुल की चोट उन्हें बेंगलुरू में पंजाब के खिलाफ मैच में खेलने से रोक रही है। यह चोट उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान लगी थी, जिससे वे अभी भी पूरी तरह से उबर नहीं पाए हैं। भले ही विराट कोहली और केएल राहुल रणजी ट्रॉफी के मौजूदा राउंड में नहीं खेल पाएंगे, लेकिन उन्हें ग्रुप स्टेज के अंतिम दौर में खेलने का एक और मौका मिल सकता है। यह दौर 30 जनवरी से शुरू होगा और 6 फरवरी को समाप्त होगा।
कोहली और राहुल की प्राथमिकता इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज और आगामी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी है। इन टूर्नामेंट्स के चलते उनकी फिटनेस सुनिश्चित करना BCCI की पहली प्रायोरिटी है। ऐसे में अगर दोनों खिलाड़ी फिटनेस टेस्ट पास करते हैं, तो वे सीधे भारतीय टीम में वापसी कर सकते हैं।
BCCI ने खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना अनिवार्य करते हुए स्पष्ट किया था कि उनके प्रदर्शन के आधार पर चयन किया जाएगा। हालांकि, चोट और फिटनेस के मामलों में मेडिकल स्टाफ की सिफारिशें प्राथमिकता लेती हैं। विराट और राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ी राष्ट्रीय टीम के लिए बेहद अहम हैं, और उनकी फिटनेस पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।