मुंबई: नागपुर हिंसा (Nagpur Violence) मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एंट्री हो गई है। एनआईए के अधिकारियों ने छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की समाधि का दौरा किया और वहां के पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर शुरुआती जानकारी जुटाई। एनआईए सूत्रों के मुताबिक अधिकारियों ने औरंगजेब की समाधि और उसके आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और हिंसाग्रस्त इलाके के हालात का जायजा लिया।
हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप
बांग्लादेशी कनेक्शन सामने आने के बाद एनआईए जल्द ही इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर सकती है। औरंगजेब की समाधि हटाने को लेकर सोमवार (17 मार्च) को नागपुर में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें डीसीपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ की, पेट्रोल बम फेंके, पथराव किया और कुछ घरों पर हमला किया। इस मामले में 10 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 90 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में पुलिस ने दावा किया कि इस हिंसा में बांग्लादेशी कनेक्शन सामने आया है। हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम शमीम खान को पुलिस ने बुधवार (19 मार्च) को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट ने उसे 21 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। उस पर 500 से ज्यादा दंगाइयों को इकट्ठा करने और हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप है।
हिंसा भड़क गई
फहीम खान समेत छह आरोपियों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, औरंगजेब की मजार को हटाने के लिए वीएचपी ने सोमवार को नागपुर में प्रदर्शन किया था। इस दौरान औरंगजेब का पुतला जलाया गया था। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद नागपुर के महल इलाके में हिंसा भड़क गई। उग्र भीड़ ने पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी। दंगाइयों ने घरों पर पथराव किया और सड़कों पर खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस पर भी हमला किया गया। डीसीपी निकेतन पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इस इलाके में कर्फ्यू लगाकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
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